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20 घंटे का काउंटडाउन, Chandrayaan-2 की लॉन्चिंग

नई दिल्ली  :   भारत के दूसरे मून मिशन Chandrayaan-2 की लॉन्चिंग 15 जुलाई को तड़के 2.51 बजे होगी. अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) वैज्ञानिकों और देश के लोगों की धड़कने इसे लेकर तेज हो रही हैं. 14 जुलाई यानी आज रविवार को सुबह 6.51 बजे से चंद्रयान-2 की 20 घंटे की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है. इसरो चीफ डॉ. के. सिवन ने बताया कि अब तक सबकुछ सही तरीके से चल रहा है. चंद्रयान-2 को इसरो का सबसे ताकतवर रॉकेट जीएसएलवी-MK3 अंतरिक्ष में ले जाएगा. इस रॉकेट को बाहुबली या फैट ब्वॉय भी कहते हैं.
भारत के मून मिशन चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग को देखने के लिए लोगों में भी खासा उत्साह है. उसे लाइव देखने के लिए ISRO की साइट पर अब तक करीब 7,537 लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है. बता दें कि इसरो ने हाल ही में यह शुरुआत की है कि लोग विशेषतौर पर बनाई गई स्पेस थीम पार्क में बैठकर इसरो के लॉन्च देख सकें.चंद्रयान-2 मिशन को 18 सितंबर 2008 को ही सरकार की अनुमति मिल गई थी. इसके बाद इसके लैंडर, रोवर, ऑर्बिटर और रॉकेट की तैयारी की गई. इस मिशन के विभिन्न हिस्सों पर सालों से तैयारी चल रही थी. आपको बताते हैं कि चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग को लेकर 28 जून 2019 से लेकर अब तक इसरो के वैज्ञानिकों ने कैसी और क्या तैयारी की.28 जून 2019 – बाहुबली रॉकेट जीएसएलवी-MK3 के सभी स्टेज में बैट्री लगाई गई. ताकि रॉकेट से जुड़ने वाले सैटेलाइट के कुछ हिस्सों और रॉकेट के कैमरे व अन्य इलेक्ट्रॉनिक हिस्सों को बिजली का कनेक्शन मिल पाए.29 जून 2019 – रोवर प्रज्ञान को लैंडर विक्रम में जोड़ा गया. फिर इन दोनों को चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर में जोड़ा गया.30 जून 2019 – रॉकेट के सभी इल्केट्रिकल और पाइरो आर्मिंग (एक स्टेज से दूसरे स्टेज के इंजन को जोड़ने की प्रणाली) की जांच की गई. साथ ही लॉन्च बैट्री की चार्जिंग पूरी की गई.1 जुलाई 2019 – GSLV रॉकेट के आखिरी हिस्से में चंद्रयान-2 को जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई.  साभार  आजतक

About Author Umesh Nigam

crime reporter.

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