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गृह मंत्रालय की एडवाइजरी पर ममता सरकार की दो टूक- हालात काबू में

नई दिल्ली  :   पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा पर गृह मंत्रालय ने गहरी चिंता जाहिर करते हुए एडवाइजरी जारी की थी. इसमें ममता सरकार को नागरिकों में विश्वास बनाए रखने में विफल बताया था. एडवाइजरी के जवाब में पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी ने गृह मंत्रालय को एक पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने दावा किया है कि राज्य में हालात नियंत्रण में हैं.
पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी मलय कुमार ने पत्र में लिखा- चुनाव के बाद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हिंसा की गई थी. इस प्रकार के मामलों को रोकने के लिए अधिकारियों द्वारा बिना किसी देरी के कार्रवाई की गई.मलय कुमार ने आगे लिखा- राज्य में स्थिति नियंत्रण में है और इस प्रकार की घटनाओं के आधार पर राज्य में कानून व्यवस्था को असफल नहीं माना जा सकता. नजात पुलिस स्टेशन और 24 परगना पुलिस स्टेशन में हिंसक घटनाएं हुई थीं. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई भी जारी है.गृह मंत्रालय की एडवाइजरी पर टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पर गृह मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी राजनीतिक साजिश से ज्यादा कुछ नहीं है. हम उचित जवाब देंगे.इसके अलावा टीएमसी ने भी गृह मंत्रालय की एडवाइजरी पर कड़ी आपत्ति जताई है, गृह मंत्रालय को लिखे पत्र में टीएमसी ने एडवाइजरी वापस लेने के लिए कहा है. टीएमसी ने कहा कि गृह मंत्रालय ने बिना जमीनी हकीकत को जाने पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था पर एडवाइजरी जारी कर दी है. इस मामले में राज्य सरकार से भी कोई रिपोर्ट नहीं ली गई है.टीएमसी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आचार संहिता की आड़ में बीजेपी के गुंडों ने राज्य में हिंसा की और अब बीजेपी और गृह मंत्रालय का नेतृत्व भी उसी व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है. बीजेपी जो भी चाहती है गृह मंत्रालय आंख मूंदकर उसे मान रहा है.सत्तारूढ़ टीएमसी ने आगे कहा- बतौर राष्ट्रीय पार्टी हम ये पूछना चाहते हैं कि इस प्रकार की एडवाइजरी यूपी सरकार के खिलाफ क्यों नहीं जारी की गई जहां यादव समुदाय के 25 लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई.गृह मंत्रालय ने रविवार को जारी हिंसा से निपटने के लिए राज्य सरकार को एडवाइजरी जारी की थी. एडवाइजरी में कहा गया था कि पिछले कुछ सप्ताह से राज्य में बगैर रोक-टोक के जारी हिंसा कानून-व्यवस्था बनाए रखने और इसके प्रति आम नागरिकों में विश्वास बनाए रखने में सरकारी मशीनरी की विफलता है. यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ता से सलाह दी जाती है कि कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं. मंत्रालय ने जिम्मेदार अधिकारियों को अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए कड़ी कार्रवाई करने की सलाह दी थी. साभार  आजतक

About Author Umesh Nigam

crime reporter.

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