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8 करोड़ लोगों को PF पर लगेगा झटका! मोदी सरकार ले सकती है ये फैसला

नई दिल्ली  :   हर नौकरीपेशा शख्‍स के लिए प्रॉविडेंट फंड (PF) की रकम सबसे अहम होती है. दरअसल, इस रकम के जरिए नौकरीपेशा शख्‍स अपने भविष्‍य को सुरक्षित रख सकता है. लेकिन आने वाले दिनों में आपको इस फंड पर बड़ा झटका लग सकता है.  दरअसल, वित्त मंत्रालय ने इम्प्लॉई प्रॉविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) को पीएफ की ब्याज दर को सालाना 8.65 फीसदी से कम करने के लिए कहा है. अगर ऐसा होता है तो 8 करोड़ से अधिक लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती है. वित्त मंत्रालय को इस बात की चिंता है कि पीएफ पर अधिक रिटर्न देने पर बैंकों के लिए आकर्षक ब्याज दरें देना संभव नहीं होगा, जिसका असर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अप्रूवल के बाद श्रम मंत्रालय को सौंपे गए मेमोरेंडम में लिखा, ‘IL&FS में निवेश के चलते फंड को नुकसान हुआ होगा. ऐसे में श्रम मंत्रालय को वित्त वर्ष 2018-19 के लिए ब्याज दर पर फिर से विचार करने की सलाह दी जाती है.’ वर्तमान में महंगाई दर 3 फीसदी के करीब है और बैंकों में बचत खाता में जो ब्याज मिलता है वो 4 से लेकर 6 फीसदी के बीच है. हालांकि फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट (एफडी) में बैंक 6-8 फीसदी का ब्याज देते हैं. बता दें कि श्रम मंत्रालय के अधीन आने वाले ईपीएफओ ने बीते मार्च, 2019 में समाप्त वित्त वर्ष के लिए 8.65 फीसदी ब्याज दर का ऐलान किया था. इससे पहले पीएफ पर 8.55 फीसदी का ब्याज दर मिलता था. हालांकि सरकार को फंड के खराब प्रदर्शन को देखते हुए यह ब्याज दर सही नहीं लग रही है ईपीएफओ अपने फंड का 85 फीसदी से भी ज्यादा हिस्‍सा केंद्र और राज्यों की सिक्योरिटीज और ऊंची रेटिंग वाले कॉरपोरेट बॉन्ड्स में निवेश करता है. करीब 190 अरब डॉलर की एसेट संभालने वाले ईपीएफओ ने तकरीबन 8.31 करोड़ डॉलर (5.75 अरब रुपये) मुश्किलों से जूझ रही IL&FS के बॉन्ड्स में निवेश किए थे. साभार  आजतक

About Author Umesh Nigam

crime reporter.

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