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क्या ट्रैप में फंस गया विपक्ष? कर बैठा सर्जिकल स्ट्राइक जैसा सबूत मांगने की गलती

नई दिल्ली: पाकिस्तान में पल रहे आतंकियों के खिलाफ एयर स्ट्राइक के बाद 2016 जैसा राजनीतिक माहौल नजर आ रहा है, जब सेना ने पीओके में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की और विपक्षी दलों ने उसके सबूत मांग लिए. विपक्ष के इस रवैये को सेना के शौर्य और पराक्रम पर शक बताते हुए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने जमकर आलोचना की थी. और तकरीबन ढाई साल बाद जून 2018 में सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो जारी कर दिए थे.
उरी में आतंकी हमले के बाद भारतीय थल सेना के विशेष कमांडोज ने 28-29 सितंबर 2016 की रात पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकियों पर प्रहार किया था. जवानों की इस जांबाजी का तत्कालीन डीजीएमओ (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया. पाकिस्तान की सीमा में घुसकर जवानों की शहादत का बदला लेने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सख्त फैसले की भी चर्चा शुरू हो गई और सेना के साथ सरकार के साहस की भी सराहना होने लगी. लेकिन इसके बाद जल्द ही विपक्ष ने सरकार से स्ट्राइक के सबूत मांग लिए.4 अक्टूबर, 2016 को महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता संजय निरुपम ने सर्जिकल स्ट्राइक को फर्जी करार दिया. संजय निरुपम ने कहा था कि हर भारतीय पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक चाहता है, लेकिन बीजेपी द्वारा राजनीतिक लाभ उठाने के लिए फर्जी (सर्जिकल स्ट्राइक) नहीं. संजय निरुपम के अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सर्जिकल स्ट्राइक को सेना की बहादुरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा शक्ति का परिणाम बताते हुए यह भी कह दिया कि पीएम मोदी सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर किए जा रहे दुष्प्रचार को बंद करने का काम करें. केजरीवाल ने वीडियो संदेश में कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को ले जा रहा है और ये दिखाने की कोशिश कर रहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक तो हुई ही नहीं. प्रधानमंत्री जी पाकिस्तान के इस प्रोपेगेंडा को एक्सपोज करने कीजिए.इसी तरह पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने मांग की थी कि सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो जारी होना चाहिए. वीडियो जारी भी किया गया, लेकिन उससे पहले बीजेपी नेताओं ने 2017 की शुरुआत में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में सर्जिकल स्ट्राइक का जमकर अपने भाषणों में इस्तेमाल किया. खासकर यूपी में इसकी झलक सड़कों पर बीजेपी नेताओं द्वारा लगाए गए पोस्टरों से भी देखने को मिली. यूपी विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने वाले वाक्य अपने भाषणों में इस्तेमाल किए. 5 फरवरी 2017 को मेरठ की रैली में पीएम मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार ने पाकिस्तान में घुसकर पाई-पाई का हिसाब चुकाया है. दूसरी तरफ, योगी आदित्यनाथ ने जनवरी 2017 की गोरखपुर रैली में कहा था कि यूपी में इस बार बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगा और अगली सर्जिकल स्ट्राइक हाफिज सईद पर की जाएगी. बयानों के अलावा सर्जिकल स्ट्राइक के नारे के साथ पीएम मोदी और तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के पोस्टर भी यूपी की सड़कों पर देखने को मिले.
मार्च 2017 में जब चुनाव के नतीजे आए तो यूपी में बीजेपी ने इतिहास रच दिया. 2017 में कुल सात राज्यों में चुनाव हुए, जिनमें से पंजाब को छोड़कर सब जगह बीजेपी की सरकार बनी. इसके बाद जून 2018 में सबूत के तौर पर वीडियो जारी किया गया. साभार आजतक

About Author Umesh Nigam

crime reporter.

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