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गेहूँ की उत्पादकता बढ़ाने के लिये जय किसान समृद्धि योजना लागू

भोपाल : राज्य शासन ने प्रदेश की प्रमुख फसल गेहूँ की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने के लिये किसानों को प्रोत्साहित करने के लिये जय किसान समृद्धि योजना लागू की है। योजना के जरिये किसानों को गेहूँ पर 160 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। प्रमुख सचिव, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास डॉ. राजेश राजोरा ने जिला कलेक्टरों को योजना के क्रियान्वयन और पर्यवेक्षण के लिये निर्देश जारी किये हैं। योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिये जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता में जिला क्रियान्वयन समितियों का गठन किया गया है। प्रदेश में गेहूँ का ई-उपार्जन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों, नागरिक आपूर्ति निगम तथा राज्य सहकारी विपणन संघ के जरिये किया जायेगा। पोर्टल पर दर्ज तथा उपार्जित मात्रा योजना की प्रोत्साहन राशि के भुगतान के लिये मान्य होगी।
गेहूँ उपार्जन के लिये पंजीकृत किसान नियत उपार्जन अवधि में कृषि उपज मण्डी समिति में बोनी के सत्यापित रकबे तथा उत्पादकता को गुणा करने पर आई मात्रा अनुसार पात्रता की सीमा तक गेहूँ विक्रय कर सकेंगे। पात्रता में उपार्जन के बाद शेष बची गेहूँ की मात्रा पर मण्डी में न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम अथवा ज्यादा विक्रय दर पर विक्रित गेहूँ को भी मण्डी में तैयार पोर्टल पर किसान की आई.डी. के साथ दर्ज किया जायेगा। पंजीकृत किसानों को मण्डी में विक्रय अवधि में विक्रय के समय ई-उपार्जन पोर्टल पर प्राप्त पंजीयन आई.डी. क्रमांक की पर्ची तथा आधार-कार्ड की प्रतिलिपि, दोनों ही मण्डी समिति को घोष विक्रय करते समय देना आवश्यक होगा। मण्डी में विक्रय किये गये गेहूँ पर लायसेंसी क्रेता द्वारा पंजीकृत विक्रेता किसान को विक्रय किये गये गेहूँ के कुल मूल्य का 50 प्रतिशत अथवा 10 हजार रुपये, दोनों में से जो भी कम हो, का भुगतान किसान के बैंक खाते में अनिवार्य रूप से आरटीजीएस/नेफ्ट द्वारा करना होगा। मण्डी में पारदर्शी रूप से पंजीकृत किसानों द्वारा विक्रय करने तथा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिये प्राथमिकता से कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। कृषि उपज मण्डी में उपार्जन अवधि समाप्त होने पर पंजीकृत किसान द्वारा गेहूँ विक्रय किये जाने पर प्रोत्साहन राशि देय नहीं होगी। ई-उपार्जन पोर्टल पर गेहूँ की उपार्जित मात्रा तथा मण्डी में विक्रय की मात्रा को पात्रता की सीमा तक गणना कर किसानवार प्रोत्साहन राशि का अलग से डाटाबेस तैयार किया जायेगा। तदनुसार कलेक्टर द्वारा संचालक, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास को माँग-पत्र प्रस्तुत किया जायेगा।

About Author Umesh Nigam

crime reporter.

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