[Latest News][6]

गैलरी
देश
राजनीति
राज्य
विदेश
व्यापार
स्पोर्ट्स
स्वास्थ्य

नीरव मोदी को 2017-18 के दौरान जारी हुए थे ज्यादातर LoU

नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक के महाघोटाले पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस आमने-सामने हैं. दोनों राष्ट्रीय दल एक-दूसरे के कार्यकाल में इस घोटाले के जन्म के दावे कर रहे हैं. वहीं, इस बीच ये जानकारी सामने आ रही है कि 11,400 करोड़ रुपये के इस महाघोटाले के ज्यादातर साख पत्र यानी लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग (LoUs) 2017-18 के दौरान जारी किए गए या उन्हें रिन्यू किया गया.
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, इस संबंध में गुरुवार को एक और एफआईआर दर्ज की गई है. जिसके तहत घोटाले के मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी और नीरव मोदी ने अपनी तीन कंपनियों के जरिए पंजाब नेशनल बैंक से 4,886.72 करोड़ रुपये हासिल किए. बैंक से ये रकम 143 एलओयू के जरिए हासिल की गई. अखबार ने इस केस की पहली एफआईआर के आधार पर लिखा है कि सबसे पहले इस मामले में 8 एलओयू के जरिए 280.7 करोड़ रुपये के घोटाले की बात सामने आई थी. एफआईआर में ये बात भी लिखी गई है कि ये एलओयू 2017 में जारी किए गए. अब सीबीआई ने पीएनबी से मिली नई जानकारी इस एफआईआर में जोड़ी है, जिसके आधार पर पहली एफआईआर के तहत करीब 6,498 करोड़ के घोटाले का मामला बन रहा है. सीबीआई ने इस संबंध में बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ की है, जिसमें ये बात सामने निकलकर आई है कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने एलओयू रिन्यू कराने का खेल भी किया और बड़ी रकम हासिल की. दरअसल, ये केस पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई शाखा से जारी 143 साख पत्रों से संबंधित है. इन साख पत्रों के आधार पर धोखाधड़ी पूर्ण तरीके से 4,886 करोड़ रुपये जारी किए गए. यह राशि तीन कंपनियों गीतांजलि जेम्स, नक्षत्र और गिली को 2017-18 में जारी की गई. हालांकि, ये पूरा मामला 11,400 करोड़ रुपये के 293 साख पत्र का है. घोटाले की गूंज देशभर में सुनाई देने के बाद शुक्रवार को बीजेपी और कांग्रेस की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गईं. दोनों पार्टियों ने अपना-अपना पक्ष रखते हुए एक-दूसरे के कार्यकाल में घोटाला होने का आरोप लगाया. साभार aajtak

About Author Umesh Nigam

crime reporter.

No comments:

Post a Comment

Start typing and press Enter to search