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दार्जिलिंग में GJM का अल्टीमेटम 12 घंटे में स्कूल खाली करें बाहरी छात्र


दार्जिलिंग: दार्जिलिंग की पहाड़ियों में जीजेएम के अनिश्चितकालीन बंद के सातवें दिन भी विरोध प्रदर्शन किया गया. विरोध प्रदर्शन के बाद सामान्य जनजीवन बाधित रहा और इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं. वहीं सुरक्षा बलों ने स्थिति पर कड़ी निगाह बनाए रखी. वहीं GJM ने स्कूलों से छात्रों को हटाने के लिए 23 जून को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक 12 घंटे का समय दिया है.
बहरहाल दार्जिलिंग में कहीं भी अप्रिय घटना की खबर नहीं है जहां शनिवार को जीजेएम कार्यकर्ताओं और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष की कई घटनाएं हुई थीं. पश्चिम बंगाल से अलग कर गोरखालैंड राज्य बनाने की मांग करने वाले गोरखा जनमुक्ति मोर्चा :जीजेएम: ने पहाड़ के विभिन्न आवासीय विद्यालयों कों 23 जून को 12 घंटे का वक्त दिया है ताकि छात्र सिलिगुड़ी और रोंगपो को खाली कर सकें. एक अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को पत्र लिखकर सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि सेवाएं ठप रहे. उन्होंने कहा कि चार दिन पहले रोकी गई ये सेवाएं कम से कम अगले सात दिनों तक ठप रहेंगी. स्थानीय लोगों ने इन उपाय को लोकतांत्रिक आंदोलन के खिलाफ दमनकारी कदम बताए हैं. अनिश्चितकालीन आंदोलन के सातवें दिन पहाड़ के विभिन्न स्थानों पर अलग राज्य के समर्थन में विरोध मार्च आयोजित किए गए. पुलिस और सुरक्षा बलों ने बंद प्रभावित पहाड़ों की सड़कों पर गश्त की और दार्जिलिंग के प्रवेश और निकास द्वार पर पुलिस नाकाबंदी की गई. दवा दुकानों को छोड़कर सभी अन्य दुकानें, होटल और रेस्तरां बंद रहे. जीजेएम की तरफ से कल आयोजित सर्वदलीय बैठक में प्रस्ताव पारित कर स्पष्ट किया गया कि इलाके से सुरक्षा बलों को हटाए जाने तक बंद जारी रहेगा. जीजेएम के वरिष्ठ नेता बिनय तमांग ने कहा कि हमारी पार्टी की केंद्रीय समिति ने पहाड़ों में स्थित स्कूलों से छात्रों को हटाने के लिए 23 जून को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक 12 घंटे का समय दिया है. उन्होंने कहा कि छात्रों को सिलिगुड़ी और रोंगपो केवल स्कूल बसों में जाने की अनुमति दी जाएगी. अनिश्चितकालीन बंद जारी रहेगा, केवल छात्रों को सुरक्षित बाहर जाने की अनुमति होगी. दार्जिलिंग से करीब 65 किलोमीटर दूर स्थित नक्सलबाड़ी इलाके में जीजेएम समर्थकों द्वारा चाय बगान मजदूरों को पीटने की खबर है लेकिन पार्टी ने आरोपों से इंकार किया है. साभार aajtak

About Author Umesh Nigam

crime reporter.

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